Posted by: Bagewafa | مارچ 14, 2011

ٹورانٹو میں فیض پر تسلیم اِلآہی زلفی کی کتاب کی تقریبِ اجراء اور شاندار مشاعرہटोरन्टो में फैज़ अहमद फैज़ पर तस्लीम ईलाही ज़ुल्फी की किताब की तक़रीबे अज़रा और शानदार मुशायेरा

ٹورانٹو میں فیض پر تسلیم اِلآہی زلفی کی کتاب کی تقریبِ اجراء اور شاندار مشاعرہ


टोरन्टो में फैज़ अहमद फैज़ पर तस्लीम ईलाही ज़ुल्फी की किताब की तक़रीबे अज़रा  और शानदार मुशायेरा मुनक़्क़ीद किया गया

 पहली बार केनेडाके 12 बडे इल्मी अदबी और सफाकती इदारोंकी मुश्तर्का तक़रीबे सताइश .न्युयार्क,टोरन्टो,मांट्रीयल,ऑटावा,किंग्स्टन,सेंटकेथेरीन,और नायग्राफॉलके अहले क़लम और अहले ज़ौककी वालिहाना शिर्कत:

 टोरान्टो(खसूसी रीपोर्ट): पाकिस्तानमें सरकारी तौर पर सन 2011 को फैज़ अहमद फैज़ का साल और सदी क़रार दिये जानेके बाद –इस मोके पर अकादमी अदबियात पाकिस्तान –इस्लामाबादके चेरमेन फखरुज्जमां ने खसूसी तौर पर केनेडामें आबाद नामवर अदीब स्कालर तस्लीम इलाही ज़ुल्फीकी तस्नीफ करदह अहम और नादिर किताब “फैज़ अहमद फैज बैरुत में “ बडे अहतेमाम से और सर गर्मीके साथ  फरवरी 2011 में शाये  की.और सरकारी सतह पर एस्लामाबाद,लाहोर.कराची,पेशावराउर कवेटामें-वहांके गवर्नर और वफाक़ी वज़रा की सदारतमें इस किताबकी तक़रीबे अज़राका एहतेमाम किया.यहां टोरान्टो में भी 12र्मार्च2011 को मारखम के पुर वकार Welcome center में केनेडाकी तारीखमें पहलीबार ओंटारियोके 12 बडे ईल्मी अदबी ,सक़ाफती और नस्रो इशाअती इदारों: अंज़ुमने उर्दू केनेडा, करांची युनिवर्सीटी ग्रेज़्युएशन फोरम,हलकए फिकरो नज़र टोरांटो,हलकए अदब किंगस्टन,महेफिल ग्रुप टोरान्टो, अंजुमने अहेबाब मांत्रीय़ल,करांची युनीवर्सीटी लाईब्रेरी सायंस अलमनाई एसोशियेशन,एनएडी अलमनाई एसोशियेशन टोरान्टो, इक़बाल एकेदेमी टोरांटो,कलासिक पबलिकेशन टोरान्टोऔर आलमी अदब पबलिकेशन टोरान्टो के बेनर तले एक इज्तेमाई तकरीब सताईस व इज़राए किताब ““फैज़ अहमद फैज बैरुत में “ के अलावा शानदार महेफिले मुशायेरा का एनएकाद किया गया.मारूफ शायेरह सीमा नक़वीकी खूबसूरत निज़ामतमें, तस्लीम इलाही ज़ुल्फीकी एज़ाज़ामें होनेवाली इस तकरीबकी सदारत डाकटर अबदुल्लाह ज़ावेदने फरमाई.जबके महेमाने खसूसी में अमरीका से खसूसी तौर पर तशरीफ लानेवाली प्रोफेसर डाकटर परवीन शौकत अली किरानी स्कालर सैयद इफ्तेखार थे.इसी तर खसूसी तौर पर न्युयार्ककी मुमताज़ शायेर रफीउद्दीन राज़, मांट्रीयल से बरकात हाशमी,अरशद नईमखान,और इकराम बट्त,किंगस्टन से अनवर अहमद,और नायग्राफालसे बजलुर्रेहमान शरवरी तशरीफ लाये थे.जबकि टोरांटो और इसके गर्द नवा से आने वाले तमाम मारुफ अहले क़लम और अहले ज़ौक ख्वातीनो हजरातने निहायत वालिहाना अंदाज़में शिर्कत फरमाई.और झुल्फी साहबको उनकी पंदरहवी  अहम किताब की इशाअत और सितारए इम्तियाजकी नामजदगी पर मुबारकबाद पेश की.तकरीब के पहले हिस्सेमें किताब” फैज अहमद फैज़ बैरुत में’ का अजरा किया गया.इस मोक़े पर फीरोज़खान,अफजलखान नैयर,कासिम अब्बास,अरशद नईम खान,अफजल नवेद.,प्रोफेसर डाकटर परवीन शोकत अली,सैयद इग्तेखार हैदर,और डाकटर अब्दुल्लाह जावेद,ने अपने अपने मजामीन पढॆ.जबके शोकत जमाल,अरशद रान्ध्वा,दरखशां सिद्दीकी,सलमान अतहर,और प्रोफेस्र रहमान खावरने तस्लीम इलाही झुल्फी को अपन मंजुम खिराज पेश किया.जिसके बाद खुरद नवीशका वकफा हुआ.तकरीबके आखरी हिस्सेमें प्रोफेसर रेहमन खावरकी सदारतमें शानदार महेफिले मुशायरा मुनक्कीद हुई.जीसमें सीमा नकवी,मुहम्म्दअली वफा,कफील अहमद, जमील कमर,तेहसीन बल्खी,खालिद रऊफ,जिया पीर जादा,सफिया मरियम,दर्खशां सिदीकी,सलमान अतहर,खालिद मेहमुद अता,अफजल नवेद,अकरम बट्ट,,अरशद नईम,खान,बजलुर्रेहमान सरवरी,बरकात हाशमी,मनसूर मुजफ्फर,रफीउद्दीन राज़,तस्लीम इलाही जुल्फी,और सदरे मुशायेरा रहमान खावर शामिल थे.


Responses

  1. बहुत याद आते हो


زمرے

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