Posted by: Bagewafa | نومبر 20, 2011

फूल की पत्ती से काटना—- मुनव्वर राना

 फूल की पत्ती से काटना—- मुनव्वर राना

 

इतनी तवील उम्र को जल्दी से काटना
जैसे दवा की पन्नी को कैंची से काटना

छत्ते से छेड़छाड़ की आदत मुझे भी है
सीखा है मैंने शहद की मक्खी से काटना

इन्सान क़त्ल करने के जैसा तो ये भी है
अच्छे-भले शजरको कुल्हाड़ी से काटना

पानी का जाल बुनता है दरिया तो फिर बुने
तैराक जानता है हथेली से काटना

रहता है दिन में रात के होने का इंतज़ार
फिर रात को दवाओं की गोली से काटना

ये फ़न कोई फ़क़ीर सिखाएगा आपको
हीरे को एक फूल की पत्ती से काटना

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