Posted by: Bagewafa | اپریل 17, 2013

بڑی تکلیف ہوتی ہے……. बड़ी तकलीफ़ होती है( Three poets)


بڑی تکلیف ہوتی ہے….نہ جانے کیوں۔؟

وہ مجھ سے روٹھ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

میرا دل ٹوٹ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

جنہیں ہر دم نگاہیں ہر جگہ پر دیکھنا چاہیں

وہ ہی نظر نہ آئیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

کسی کی جستجو میں دور تک جاتی ہوئی نظر

پلٹ کر لوٹ آئے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

ہم تمہاری ہمراہی میں جن راستوں سے گزرے ہیں
ان راستوں پہ تنہا جائیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

ہماری دوستی اور ہماری چاہتوں کا آئینہ
وہ ہی نہ دیکھ پائیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

کسی کی نیند میں ٹھہرا حسیں خوابوں کا سلسلہ
اچانک ٹوٹ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

مسلسل کام کرنے کی میری عادت پرانی ہے

تسلسل ٹوٹ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

2

یاد آنے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے۔۔۔عمران  اختر

 

کسی کی یاد آنے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے

گھروندے پھر بنانے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے

چمن کی ڈالیوں پہ وہ گل و بلبل کی سرگوشی
یہ خاکے اب بنانے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے

نگاہیں بات کرتی تھی زباں خاموش رہتی تھی
یہ قصے اب سنانے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے

کوئی تھا رازداں اپنا کوئی تھا ہم نشیں اپنا
یہ باتیں یاد آنے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے

بہت کچھ ہو چکا عمران بس تم راہ لو اپنی
تمہارے آنے جانے سے بڑی تکلیف ہوتی ہے

3

بڑی تکلیف ہوتی ہے۔۔۔۔ عظمٰی

وہ مجھ سے روٹھ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے
میرا دل ٹوٹ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

جنہیں ہر دم نگاہیں ہر جگہ پر دیکھنا چاہیں
وہ ہی نظر نہ آئیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

کسی کی جستجو میں دور تک جاتی ہوئی نظر
پلٹ کر لوٹ آئے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

ہم تمہاری ہمراہی میں جن راستوں سے گزرے ہیں
ان راستوں پہ تنہا جائیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

ہماری دوستی اور ہماری چاہتوں کا آئینہ
وہ ہی نہ دیکھ پائیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

کسی کی نیند میں ٹھہرا حسیں خوابوں کا سلسلہ
اچانک ٹوٹ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

مسلسل کام کرنے کی میری عادت پرانی ہے
تسلسل ٹوٹ جائے تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

بہت سی جستجو اور چاہنے کے بعد بھی عظمٰی
وہ منزل چھو نہ پائیں تو بڑی تکلیف ہوتی ہے

 बड़ी तकलीफ़ होती है…..ना जाने क्यों?

 

वो मुझ से रूठ जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

मेरा दिल टूट जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

जिन्हें हर दम निगाहें हर जगह पर देखना चाहें

वो ही नज़र ना आएं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

किसी की जुस्तजू में दूर तक जाती हुई नज़र

पलट कर लूट आए तो बड़ी तकलीफ़ होती है

हम तुम्हारी हमराही में जिन रास्तों से गुज़रे हैं

इन रास्तों पे तन्हा जाएं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

हमारी दोस्ती और हमारी चाहतों का आईना

वो ही ना देख पाइं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

किसी की नींद में ठहरा हसीं ख़ाबों का सिलसिला

अचानक टूट जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

मुसलसल काम करने की मेरी आदत पुरानी है

तसलसुल टूट जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

2

घरौंदे फिर बनाने से बड़ी तकलीफ़ होती है..इमरान अख़तर

 

किसी की याद आने से बड़ी तकलीफ़ होती है

घरौंदे फिर बनाने से बड़ी तकलीफ़ होती है

चमन की डालियों पे वो गुल-ओ-बुलबुल की सरगोशी

ये ख़ाके अब बनाने से बड़ी तकलीफ़ होती है

निगाहें बात करती थी ज़बां ख़ामोश रहती थी

ये क़िस्से अब सुनाने से बड़ी तकलीफ़ होती है

कोई था राज़दां अपना कोई था हमनशीं अपना

ये बातें याद आने से बड़ी तकलीफ़ होती है

बहुत कुछ हो चुका इमरान बस तुम राह लो अपनी

तुम्हारे आने जाने से बड़ी तकलीफ़ होती है

3

बड़ी तकलीफ़ होती है….उजमा

वो मुझ से रूठ जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

मेरा दिल टूट जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

जिन्हें हर दम निगाहें हर जगह पर देखना चाहें

वो ही नज़र ना आएं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

किसी की जुस्तजू में दूर तक जाती हुई नज़र

पलट कर लूट आए तो बड़ी तकलीफ़ होती है

हम तुम्हारी हमराही में जिन रास्तों से गुज़रे हैं

इन रास्तों पे तन्हा जाएं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

हमारी दोस्ती और हमारी चाहतों का आईना

वो ही ना देख पाइं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

किसी की नींद में ठहरा हसीं ख़ाबों का सिलसिला

अचानक टूट जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

मुसलसल काम करने की मेरी आदत पुरानी है

तसलसुल टूट जाये तो बड़ी तकलीफ़ होती है

बहुत सी जुस्तजू और चाहने के बाद भी अज़माई

वो मंज़िल छू ना पाइं तो बड़ी तकलीफ़ होती है

 

 

 

 

        

        

                

          

 

    

Bottom of Form

Advertisements

زمرے

%d bloggers like this: