Posted by: Bagewafa | جولائی 15, 2013

संसद पर हमले की साजिश सरकार ने रची……वी. एस. मणि

"इशरत जहां मामले में जांच कर रहे अधिकारी ने कहा, संसद पर हमले की साजिश सरकार ने रची”

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Govt behind Parliament attack, 26/11: Ishrat probe officer

"आतंकी हमले सरकार ने कराए”

टाइम्स न्यूज नेटवर्क| Jul 14, 2013, 12.14PM IST

नई दिल्ली।।होममिनिस्ट्री के एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि इशरत जहां मामले की जांच कररही सीबीआई-एसआईटी टीम के एक अधिकारी ने तब की सरकारों पर संसद और 26/11 के मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

गृहमंत्रालय के यह अफसर हैं इशरत जहां मुठभेड़ मामले की जांच में सरकार की तरफसे कोर्ट में हलफनामों पर दस्तखत करने वाले अंडर सेक्रटरी आर. वी. एस.मणि। मणि का कहना है कि सीबीआई-एसआईटी टीम के मेंबर रहे सतीश वर्मा नेउन्हें बताया था कि आतंकवाद विरोधी कानून को मजबूत करने के लिए ही संसद और 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमलों की साजिश रची गई थी।

मणि केमुताबिक वर्मा ने कहा, "13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला हुआ और उसके बादपोटा लागू किया गया। फिर 26 नवंबर 2008 के हमला हुआ और उसके बाद UAPA कानूनमें संशोधन हुआ।”

 

इस बारे में जब टाइम्स ऑफ इंडिया ने सतीश वर्मा से बात की तो उन्होंने कुछभी कहने से इनकार कर दिया। गुजरात काडर के आईपीएस अफसर वर्मा ने कहा, "मुझे नहीं पता क्या शिकायत है, किसने की, कब की। न ही मेरी जानने में कोईदिलचस्पी है। ऐसे मामलों में मैं मीडिया से बात भी नहीं कर सकता। आप सीबीआईसे पूछिए।” वर्मा इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ की जांच कर रही स्पेशलइन्वेस्टिगेटिव टीम का हिस्सा थे। हाल ही में उनका तबादला हुआ है और वहजूनागढ़ पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के प्रिंसिपल बनाए गए हैं।

मणिफिलहाल शहरी विकास मंत्रालय में भूमि और विकास उप अधिकारी हैं। उन्होंनेअपने सीनियर अफसरों को लिखा है कि सतीश वर्मा की बात का जवाब उन्होंने यहकहते हुए दिया कि वर्मा वही कह रहे हैं जो पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआईकहती है। मणि के मुताबिक वर्मा ने सरकार की साजिश की बात 22 जून कोगांधीनगर में कही थी, जब वह सरकारी हलफनामों के बारे में मणि से पूछताछ कररहे थे।

मणि ने शहरी विकास मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी को पत्रलिखकर आरोप लगाया है कि वर्मा ने उन पर एक बयान पर दस्तखत करने के लिए दबावडाला था। मणि के मुताबिक वर्मा चाहते थे कि मैं बयान दूं कि इशरत जहांमामले में दाखिल किया गया पहला हलफनामा इंटेलिजेंस ब्यूरो के दो अफसरों नेतैयार किया था। मणि ने कहा, "मैं यह अच्छी तरह जानता था कि ऐसा बयान मेरेतत्कालीन सीनियर्स पर झूठे आरोप लगाने जैसा होगा, इसलिए मैंने इस बयान परदस्तखत करने से इनकार कर दिया।”

इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में देश की दो प्रमुख एजेंसियां सीबीआई और आईबी के बीच ठनी हुई है।

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Courtesy: http://navbharattimes.indiatimes.com/india/national-india/govt-behind-parliament-attack-26/11-ishrat-probe-officer/articleshow/21065571.cms

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