Posted by: Bagewafa | جنوری 2, 2014

दंगों के पीछे राजनीति : डॉ राम पुनियानी

दंगों के पीछे राजनीति : डॉ राम पुनियानी

  • Nov 17 2013 7:06AM

रांची:ऑल इंडिया सेक्यूलर फोरम के सचिव डॉ राम पुनियानी ने कहा है किसांप्रदायिक दंगों के पीछे सांप्रदायिक राजनीति होती है. इसका किसी भी धर्मसे कोई लेना-देना नहीं. कुछ लोग चाहते हैं कि सत्ता का विकेंद्रीकरण नहींहो. गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी जैसी समस्याओं को पीछे धकेलने के लिए दंगेकराये जाते हैं. हिंसा की शुरुआत हथियारों से नहीं, विचारों से होती है.पूरे दक्षिणी एशिया में अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलायी जा रही है.        

डॉ पुनियानी शनिवार को इंडियन सोशल इंस्टीटय़ूट नयी दिल्ली, एक्सआइएसएस    सद्भावना मंच की ओर आयोजित बदलते परिवेश में सदभावना की खोज’  विषयकसेमिनार में बोल रहे थे.

डॉ पुनियानी ने कहा कि यदि हिंदू राष्ट्रवादी सत्ता में आ गये, तो देशके लिए बड़ा खतरा होगा. आरएसएस की राजनीति लोकतंत्र को समाप्त कर देश कोहिंदुत्व की ओर ले जाने की है. उसका एजेंडा संभ्रांत, उच्च वर्ण के हिंदुओंके लिए देश बनाना है, जिसमें सिर्फ मुसलमान या ईसाई ही नहीं, 80 फीसदीहिंदू और महिलाएं भी हाशिये पर होंगे. यह कमजोर लोगों के मानवाधिकार समाप्तकरना चाहता है. 

लेखिका सह सामाजिक कार्यकर्ता डॉ शांति खलखो ने कहा कि किसी भी धर्म नेपूजा-पाठ में महिलाओं को जगह नहीं दी है. इस पर विचार करने की आवश्यकता है.हर धर्म अच्छी बातें ही सिखाता है, पर हम उनका अनुपालन नहीं करते. आदिवासीसमाज में न धन और न सत्ता की लोलुपता थी, पर बाहरी दुनिया का प्रभाव हम परपड़ने लगा है. हमारे बीच फूट डालो और शासन करो की राजनीति चल रही है इसेपहचानने की आवश्यकता है. इस मौके पर एराउज संस्था लोहरदगा के विनोद भगत नेसरना ईसाई संवाद : सामूहिक विकास का मंत्रविषय पर विचार रखे.

http://www.prabhatkhabar.com/news/63647-story.html


زمرے

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