Posted by: Bagewafa | فروری 26, 2014

चर्चा होगा….एहसान जाफरी(गुलबर्ग सोसायटी,अहमदाबाद) چرچا ہوگا۔۔۔احسان جعفری

چرچا ہوگا۔۔۔احسان جعفری

Charchaa hoga

قندیل۔۔۳۲

चर्चा होगा….एहसान जाफरी(गुलबर्ग सोसायटी,अहमदाबाद

आज फिर शहरमें जलसा होगा
कातिले दहरका चर्चा होगा

अब नहीं दर्दका जुझ मर्गे इलाज
ये बताओ हमें अब क्या होगा

सरपे इलझाम न धड दुनिया
खुल गया राज तो फिर क्या होगा

अपनी किमतका लगालो अंदाज
हाकिमे वकत से सौदा होगा

जिसने गिरतोंको लिया थाम यहां
उसके दामन पे तो धब्बा होगा

हमने भुलेसे भुलाया था उसे
अब बुलाया है तो सदमा होगा

शमआ बन कर युं जलाया दिलको
कोई परवाना तो अपना होगा

(सौजन्य:कन्दील पृ.32)

फिर से आ जाये रूहे मक्तूल
बता ए मोदी तेरा क्या होगा

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