Posted by: Bagewafa | مارچ 16, 2014

इंतज़ार करते हैं… अब्दुल हमीद ‘अदम’.

इंतज़ार करते हैं… अब्दुल हमीद ‘अदम’.

हम बुतों को जो प्यार करते हैं

नक्ल-ए-परवरदिगार करते हैं

 

क्या मोहब्बत भी कोई पेशा है

लोग क्यों इतना प्यार करते हैं

 

इतनी कसमें ना खाओ घबरा कर

जाओ हम ऐतबार करते हैं

 

अब भी आ जाओ कुछ नहीं बिगड़ा

अब भी हम इंतज़ार करते हैं

 

दुश्मनी तो ग़ैर नहीं करते

ये शराफत तो यार करते हैं

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