Posted by: Bagewafa | مئی 24, 2014

देखिये कब तक…एहसान जाफरी(मकतूले गुजरात 2002..गुलबर्ग सोसायटी अमदावाद)

देखिये कब तक…एहसान जाफरी

दिलकी खलिश ना तमाम देखिये कब तक
बे असर आहे अवाम देखिये कब तक

जहन रसाने नया चांद उडाया तो है
तीरगी सुबहो शाम देखिये कब तक

तिश्नगी बढके बनी जौके अमले रगो नूर
गेरके हाथो में जाम देखिये कब तक

इश्के अजमाले हयात इश्के कमाले हयात
फिर भी ये हम पर हराम देखिये कब तक

गिर ही पडा आखिर ताजे सरे खुसरवी
जुल्मका उंचा मुकाम देखिये कब तक

 

(कंदील..पृ.27)

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