Posted by: Bagewafa | جولائی 8, 2014

कविता एक असल हरामज़ादी हो सकती है – महमूद दरवेश

कविता एक असल हरामज़ादी हो सकती है – महमूद दरवेश

कविता एक असल हरामज़ादी हो सकती है.
वह विकृति पैदा करती है.
इस के पास अवास्तविक को वास्तविक में
और वास्तविक को काल्पनिक में
बदल देने की ताक़त होती है.
इसके पास एक ऐसा संसार
खड़ा कर सकने की ताक़त होती है
जो उस संसार के बरख़िलाफ़ होता है
जिसमें हम जीवित रहते हैं.
मैं कविता को एक आध्यात्मिक
औषधि की तरह देखता हूं.
मैं शब्दों से वह रच सकता हूं
जो मुझे वास्तविकता में नज़र नहीं आता
यह एक विराट भ्रम होती है
लेकिन एक पॉज़िटिव भ्रम.
मेरे पास अपनी या अपने मुल्क की ज़िन्दगी के
अर्थ खोजने के लिए और कोई उपकरण नहीं.
यह मेरी क्षमता के भीतर होता है
कि मैं शब्दों के माध्यम से उन्हें सुन्दरता प्रदान कर सकूं
और एक सुन्दर संसार का चित्र खींचूं
और उनकी परिस्थिति को भी अभिव्यक्त कर सकूं.
मैंने एक बार कहा था कि
मैंने शब्दों की मदद से
अपने देश और
अपने लिए एक मातृभूमि का निर्माण किया था.

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