Posted by: Bagewafa | مارچ 23, 2015

दोस्ती जब किसी से की जाये .. राहत इन्दौरी دوستی جب کسی سے کی جائے ….. راحت اندوری

دوستی جب کسی سے کی جائے ….. راحت اندوری

دوستی جب کسی سے کی جائے
دشمنوں کی بھی رائے لی جائے

موت کا زہر ہے فضاؤں میں،
اب کہاں جا کے سانس لی جائے

بس اسی سوچ میں ہوں ڈوبا ہوا،
یہ ندی کیسے پار کی جائے

میرے ماضی کے زخم بھرنے لگے،
آج پھر کوئی بھول کی جائے

بوٹلیں کھول کے تو پی برسوں،
آج دل کھول کے بھی پی جائے

 

दोस्ती जब किसी से की जाये .. राहत इन्दौरी

 

दोस्ती जब किसी से की जाये
दुश्मनों की भी राय ली जाये

मौत का ज़हर है फ़िज़ाओं में
अब कहाँ जा के साँस ली जाये

बस इसी सोच में हूँ डूबा हुआ
ये नदी कैसे पार की जाये

मेरे माज़ी के ज़ख़्म भरने लगे
आज फिर कोई भूल की जाये

बोतलें खोल के तो पी बरसों,
आज दिल खोल के भी पी जाये|

 

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زمرے

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