Posted by: Bagewafa | ستمبر 17, 2017

महान मुस्लिम वैज्ञानिक:- इब्न अल हैशम…. साजिद अली सुलतान

महान मुस्लिम वैज्ञानिक:- इब्न अल हैशम…. साजिद अली सुलतान

 

 

कौन थे कैमरा के अविष्कार करने वाले मुस्लिम वैज्ञानिक इब्न अल-हैशम..?

कौन थे कैमरा के अविष्कार करने वाले मुस्लिम वैज्ञानिक इब्न अल-हैशम..?

इब्न अल हैशम एक ईराकी वैज्ञानिक थे जिनका जन्म 965 ईस्वी में बसरा, ईराक में हुआ था। इब्न अल हैशम का पूरा नाम अबू अली अल-हसन बिन अल-हैशम है। इब्न अल हैशम को भौतिक विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग और खगोल विज्ञान में महारत हासिल थी।

   इब्न अल हैशम को अल्हज़ेन (Alhazen) भी कहा गया।इब्न अल हैशम अपने दौर में नील नदी के किनारे बाँध बनाना चाहते थे ताकि मिश्र के लोगों को साल भर पानी मिल सके लेकिन अपर्याप्त संसाधन के कारण उन्हें इस योजना को छोड़ना पड़ा लेकिन बाद में उन्हीं की इस योजना पर उसी जगह एक बाँध बना जिसे आज असवान बाँध के नाम से जाना जाता है।

  • आँख पर अनुसंधान●

पुराने समय में माना जाता था कि आँख से प्रकाश निकल कर वस्तुओं पर पड़ता है जिससे वह वस्तु हमें दिखाई देती है लेकिन इब्न अल हैशम ने अफलातून और कई वैज्ञानिकों के इस दावे को गलत साबित कर दिया और बताया कि जब प्रकाश हमारी आँख में प्रवेश करता है तब हमे दिखाई देता है। इस बात को साबित करने के लिए इब्न अल हैशम को गणित का सहारा लेना पड़ा।

   इब्न अल हैशम ने प्रकाश के प्रतिबिम्ब और लचक की प्रकिया और किरण के निरक्षण से कहा कि जमीन की अन्तरिक्ष की उंचाई एक सौ किलोमीटर है। इनकी किताब “किताब अल मनाज़िर” प्रतिश्रवण के क्षेत्र में एक उच्च स्थान रखती है। उनकी प्रकाश के बारे में की गयी खोजें आधुनिक विज्ञान का आधार बनी। इब्न अल हैशम ने आँख पर एक सम्पूर्ण रिसर्च की और आँख के हर हिस्से को पूरे विवरण के साथ अभिव्यक्ति किया। जिसमें आज का आधुनिक विज्ञान भी कोई बदलाव नही कर सका है।

  • कैमरे का आविष्कार●

इब्न अल हैशम ने आँख का धोखा या भ्रम को खोजा जिसमे एक विशेष परिस्थिति में आदमी को दूर की चीजें पास और पास की दूर दिखाई देती हैं। प्रकाश पर इब्न अल हैशम ने एक परिक्षण जिसके आधार पर इब्न अल हैशम ने कहा था कि अगर किसी अंधेरे कमरे में दीवार के ऊपर वाले हिस्से से एक बारीक छेंद के द्वारा धूप की रौशनी गुजारी जाये तो उसके उल्ट अगर पर्दा लगा दिया जाये तो उस पर जिन जिन वस्तुओं का प्रतिबिम्ब पड़ेगा वह उल्टा होगा। इब्न अल हैशम ने इसी आधार पर पिन होल कैमरे का आविष्कार किया। कैमरा शब्द अरबी के अल-क़ुमरा से बना है जिसका अर्थ होता है―छोटी अंधेरी कोठरी।

  • गुमनामी के अंधेरों में गुम―इब्न अल हैशम●

पश्चिमी देशों ने इब्न अल हैशम के कैमरे के आविष्कार को भी अपना नाम दिया और कहा कि "कैमरा” शब्द लैटिन के कैमरा ऑब्स्क्योरा से आया है जिसका अर्थ अंधेरा कक्ष होता है जबकि "कैमरा” शब्द अरबी के अल-कुमरा से बना है।

   इब्न अल हैशम ने जिस काम को अंजाम दिया उसी के आधार पर बाद में गैलीलियो, कापरनिकस और न्यूटन जैसे वैज्ञानिकों ने काम किया। इब्न अल हैशम से प्रभावित होकर गैलीलियो ने दूरबीन का आविष्कार किया। इब्न अल हैशम की वैज्ञानिक सेवाओं ने पिछले प्रमुख वैज्ञानिकों के चिराग बुझा दिए। इन्होने इतिहास में पहली बार लेंस की आवर्धक पावर की खोज की। इब्न अल हैशम ने ही यूनानी दृष्टि सिद्धांत (Nature of Vision) को अस्वीकार करके दुनिया को आधुनिक दृष्टि दृष्टिकोण से परिचित कराया। जो चीजें इब्न अल हैशम ने खोजी। पश्चिमी देशों ने हमेशा उन पर पर्दा डालने की कोशिस की। इब्न अल हैशम ने 237 किताबें लिखीं। यही कारण है कि अबी उसैबा ने कहा कि वो कशीर उत तसनीफ (अत्यधिक पुस्तक लिखने वाले) थे। इब्न अल हैशम का इंतिक़ाल 1040 ईस्वी में कइरो, मिस्र में हुआ था।

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