Posted by: Bagewafa | جون 2, 2019

गौ रक्षा……हिमांशु कुमार

गौ रक्षा……हिमांशु कुमार

 

 

मैंने अपने विद्यार्थी काल में गो रक्षा के लिए पांच दिन का उपवास किया था,

यह तब की बात है जब विनोबा भावे गोरक्षा पर जोर देते थे,

तब हम यह मानते थे कि भारत में छोटे किसान को बचाना है तो बैल से होने वाली खेती बचानी पड़ेगी,

इसके अलावा रासायनिक खेती रोकने,

किसानों के क़र्ज़ में डूबने और खेतीबाडी छोड़ने की रोकथाम के लिए

गोबर खाद का इस्तेमाल और ट्रैक्टर की बजाय बैल से खेती के लिए गाय बैल बचाना एक रचनात्मक काम की तरह किया जाता था,

हमारे मन में या किसी भी साहित्य में या बातचीत में मुसलमानों के खिलाफ कोई विचार नहीं था,

बल्कि हम लोग बड़े औद्योगिक कत्लखानों को बंद करने के लिए कहते थे,

विनोबा की प्रेरणा से मुंबई के देवनार के कत्लखाने पर हमारे वरिष्ठ सर्वोदयी कार्यकर्ता अच्युत देशपांडे द्वारा अट्ठारह साल तक सत्याग्रह किया गया जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी,

इस सत्याग्रह में मुसलमान कार्यकर्ता भी शामिल होते थे,

भारत में गाय पर खतरा कभी भी मुसलमानों की वजह से नहीं हुआ,

गाय पालने, गाय की सेवा करने में मुसलमान किसान, हिन्दु किसानों से कभी कम नहीं रहे,

भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा गाय के प्रतीक को इस्तेमाल करके अल्पसंख्यक मुसलमानों के खिलाफ हिन्दुओं की नफरत को भड़काने का काम लम्बे समय तक किया गया,

अगर आप सरस्वती शिशु मंदिर की किताबें देखेंगे तो आपको उसमें इस तरह की कहानियां मिलेंगी जिसमें शिवाजी गाय ले जा रहे किसी मुस्लिम कसाई का हाथ काट रहे हैं,

अपनी शाखाओं और शिशु मन्दिरों के माध्यम से संघ ने हिन्दू युवाओं के बीच इस तरह की झूठी कहानियां पहुंचाईं और उनके मन में अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत पैदा करी,

वर्तमान में देश भर में मुसलमानों पर हमले करके उन्हें गाय की हत्या करने वाला साबित करने की कोशिश भी संघ की योजना का ही हिस्सा है,

जबकि सच्चाई यह है कि मुग़ल बादशाहों ने गाय की हत्या को अपराध घोषित किया था और गोकुशी पूरी तरह बंद करवाई थी,

आज भी भारत के मुसलमान गाय काटने के धंधे में नहीं हैं,

गाय बैल काट कर विदेशों को भेजने के ज़्यादातर कारखाने हिन्दुओं के हैं, जिनमें से कुछ तो भाजपा के नेताओं के ही हैं,

गाय के मांस का व्यापार करने वाले समूह से भाजपा बड़ा चंदा लेती है,

भाजपा को गाय से कोई लेना देना नहीं है,

बल्कि भाजपा सत्ता पर कब्ज़ा हेतु हिन्दुओं से वोट लेने के लेने उन्हें मुसलमानों के खिलाफ भडकाने के लिए गाय के प्रतीक का इस्तेमाल करती है,

भारत के मुसलमान चाहते हैं कि गाय काटने पर रोक लगा दी जाय,

लेकिन भाजपा ऐसा नहीं कर रही है,

भाजपा अगर ऐसा करेगी तो भाजपा के नेताओं के गाय कत्लखाने बंद हो जायेंगे और भाजपा को मिलने वाला चंदा बंद हो जायेगा,

इसके अलावा वोट दिलाने वाला यह मुद्दा भी खत्म हो जाएगा,

भाजपा ने जो नया कानून बनाया है जिसके बाद गाय भैंस का खरीदना और बेचना असम्भव हो जाएगा उसका सबसे बड़ा नुकसान गाय भैंस पालने वाले छोटे किसान को होगा,

अगर किसान बूढ़े और बेकार जानवरों को बेचेगा नहीं,

तो बेकार पशु को खिलाने में खर्चे और बिक्री से मिलने वाले पैसे के नुकसान की वजह से उसकी सारी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो जायेगी,

भाजपा के इस कदम से भारत में गाय भैंस पालन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा,

इससे दूध और उससे बनने वाले खाद्द्यान्न की कीमतें बढ़ेंगी,

उस समय बड़े पूंजीपतियों को दूध और डेरी पशुओं के कारोबार से बड़ा फायदा होगा,

तब बड़े उद्योगपति दूश और डेरी उद्योग में पैसा लगायेंगे,

बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए भारत के गाय भैंस पालन को सरकारी कानून बना कर नष्ट किया जा रहा है,

इस काम को सरकार, सत्ताधारी दल, उसके गुंडे और उसके मीडिया के लोग मिलकर कर रहे हैं,

भाजपा अगर सफल हो गई तो छोटे किसान और छोटी डेरियाँ खत्म हो जायेंगी और भारत का पशुपालन खेती और डेरी उद्योग पूरी तरह कारपोरेट के हाथों में चला जाएगा,

यही भाजपा की योजना भी है,

(Courtesy: Facebook wall of Janab  Qadri Zakir  )

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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