Posted by: Bagewafa | جولائی 9, 2019

फूलों की दुकान थोड़ी है….शकील रंगरेज

फूलों की दुकान थोड़ी है….शकील रंगरेज

 *अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो जान थोड़ी है,*

 *ये सब हिजड़े हैं कोई पहलवान थोड़ी हैं।*

.

*गिरा के खून बेगुनाहो का ख़ुश होतें हैं,*

 *ये कायर लोग वीरो की संतान थोड़ी हैं।*

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*हम अपने उसूलो पे जीते मरते हैं,*

 *तुम्हारे हाथ हमारी कमान थोड़ी हैं।*

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*जो गुज़रे अपनी हदों से तो हम दिखा देंगें,*

 *फिर तुम्हारा कोई निगहबान थोड़ी है।*

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*हमें भी आता है हथियार चलाने का हुनर,*

 *हमारी कोई फूलों की दुकान थोड़ी है।*

(Courtesy: facebook Shakil Rangrej

Shakil Rangrej Rangrej Nafis Chauhan

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Responses

  1. जो गुज़रे अपनी हदों से तो हम दिखा देंगें,
    फिर तुम्हारा कोई निगहबान थोड़ी है।

    हमें भी आता है हथियार चलाने का हुनर,
    हमारी कोई फूलों की दुकान थोड़ी है।

    Ye sirf kehnemein atchha lagataa hei…
    Hamaari koi taiyaari bhi nahien…


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